ढाई सौ ग्राम सपने

ढाई सौ ग्राम सपने

आधा दर्जन सवालों के साथ

दीवार पर गड़ी खूँटी से लटका गया था कल

आज जा कर देखा तो

मीठे सपनों में चींटियाँ लगी हुई थीं

और सवालों में घुन |

Comments

shephali said…
fir ek baar nishabd kar diya aapki rachna ne

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