Tuesday, June 28, 2011

मेरी जान लेके देखो



मेरी जान लेके देखो, मेरा भूत कैसा होगा
मैं अभी से जानता हूँ, वो तुम्हारे जैसा होगा

वही खोखली निगाहें, वही भूख हर अदम सी
वही नामुराद चेहरा, कातिल के जैसा होगा

मेरी बाजुओं में कीलें, सूली पे दिन गिनूंगा
सजदे करेंगे ज़ालिम, इक दिन तो ऐसा होगा

3 comments:

वन्दना said...

सुन्दर प्रस्तुति।

shephali said...

बहुत अछी प्रस्तुति

kumar said...

bahut hi sundar likha hai....badhai

चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर

तू किसी शोख़ का सिंगार कर रख भी दे ये ख़ामोशी उतार कर तीरगी ये पल में टूट जायेगी  चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर एक ही नहीं कई शिकायतें ...