मैं क्या बतलाऊँ कौन हो तुम

तुम रागों में
तुम शब्दों में
तुम ज्योति में
तुम जीवन में

तुम भावों में
तुम सरिता में
तुम धड़कन में
तुम कविता में

तुम नाम नहीं
तुम काम नहीं
तुम पूजा हो
तुम कण कण में

तुम फूलों में
तुम कलियों में
तुम मंदिर में
तुम मूरत में

तुम सीपी में
तुम मोती में
तुम सागर में
तुम लहरों में

मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में

तुम चंदा में
तुम तारों में
तुम ज्वाला में
अंगारों में

बचपन में तुम
तुम योवन में

ऋतुओं में तुम
तुम सावन में

तुलसी में तुम
रबिदास में तुम
तुम श्लोकों में
हर सांस में तुम

मैं क्या बतलाऊँ कौन हो तुम 




-ckh-
kaise bataaooN main tumhe ....mere liye tum kaun ho .....

Comments

Mamta Bajpai said…
मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में.....bahut khubsurat hai
Mamta Bajpai said…
मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में.....bahut khubsurat hai

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