Friday, March 16, 2012

मैं क्या बतलाऊँ कौन हो तुम

तुम रागों में
तुम शब्दों में
तुम ज्योति में
तुम जीवन में

तुम भावों में
तुम सरिता में
तुम धड़कन में
तुम कविता में

तुम नाम नहीं
तुम काम नहीं
तुम पूजा हो
तुम कण कण में

तुम फूलों में
तुम कलियों में
तुम मंदिर में
तुम मूरत में

तुम सीपी में
तुम मोती में
तुम सागर में
तुम लहरों में

मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में

तुम चंदा में
तुम तारों में
तुम ज्वाला में
अंगारों में

बचपन में तुम
तुम योवन में

ऋतुओं में तुम
तुम सावन में

तुलसी में तुम
रबिदास में तुम
तुम श्लोकों में
हर सांस में तुम

मैं क्या बतलाऊँ कौन हो तुम 




-ckh-
kaise bataaooN main tumhe ....mere liye tum kaun ho .....

2 comments:

Mamta Bajpai said...

मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में.....bahut khubsurat hai

Mamta Bajpai said...

मैं कौन भला ?
मैं क्या जानूं ?
हो काव्य में तुम
तुम दर्शन में.....bahut khubsurat hai

चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर

तू किसी शोख़ का सिंगार कर रख भी दे ये ख़ामोशी उतार कर तीरगी ये पल में टूट जायेगी  चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर एक ही नहीं कई शिकायतें ...