तौबा ये असरार तुम्हारे


तौबा ये असरार तुम्हारे
पलकों के हथियार तुम्हारे

आँखों के रास्तों पे जा बैठे
दो दो हवलदार तुम्हारे

कासिद के हाथों ही भिजवा दो
शिकवा-फुगाँ-जार तुम्हारे

चंदा के मानिंद हो लेकिन
मुश्किल हैं दीदार तुम्हारे

-ckh-

Comments

expression said…
वाह...वाह...........

बहुत बढ़िया छोटे बहर की गज़ल बन पड़ी है....दुसरे शेर में हवलदार को थानेदार कर के देखिये ????
मेरे ख्याल में मात्राएँ बराबर हो जायेंगी....
अन्यथा ना लें...
:-)

अनु
chakresh singh said…
This comment has been removed by the author.
chakresh singh said…
anu ji

baat sahi hai aap ki lekin maine gaate samay agar: hatiyaar ko : hat + i + aar = 2121 ki tarah dekhooN to sahi lagta hai...thaanedar kar dene pe arth badal jaayega..is liye maine chheda nahi abhi...

thanks.

Popular posts from this blog

Sochata hun ke wo (Nusrat Fateh Ali Khan) Translation

The Indian Civilization (A Sequel)

KATHPUTALI(Hindi poem)