हर कोई इक सफ़र में है


हर कोई इक सफ़र में है 
ज़िन्दगी की डगर में है

मंजिलों की नहीं खबर
काफिला रहगुज़र में है

फिर वही रंग-ओ-बू यहाँ 
फिर तमाशा शहर में है 

आधियाँ थम ही जायेंगी 
हौसला हर सज़र में है 

Comments

expression said…
बहुत खूब.........................
छोटे बहर की बढ़िया गज़ल....
chakresh singh said…
शुक्रिया अनु जी

-ckh-

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