आसमाँ को भी कद अपना दिखायेंगे हम


आसमाँ को भी कद अपना दिखायेंगे हम 
दिल का अरमाँ है क्या ये बतायेंगे हम 

पहले जैसी नहीं जिंदगी भी तो क्या
दिल में जज्बा तो है जीत जायेंगे हम 

देखते देखते देखो शब् कट गयी 
अगली सुबहो तलक गुनगुनायेंगे हम  

कल तो बारिश में डर भीग जाने का था 
आज फौलाद हैं भीग जायेंगे हम 

एक नया सा सबक जिंदगी दे गयी 
अब तो मरते हुए मुस्कुरायेंगे हम 


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