अखबार बेंच कर आया हूँ



अखबार बेंच कर आया हूँ
हथियार बेंच कर आया हूँ
आग उबलती खबरों का मैं
बाज़ार बेंच कर आया हूँ




किसने कैसे कितना खाया
किस मंत्री ने कितना पाया
अगले मुख्य चुनावों का मैं
दावेदार बेंच कर आया हूँ




फ़िल्मी जगत की ताज़ी बातें
IPL की जागी रातें
छोटे-बड़े पूंजीपतियों के
कारोबार बेंच कर आया हूँ




गली मुहल्लों के फर्जी कॉलेज
नन्हों को A+ की knowledge
अधनंगी तस्वीरों का मैं
भण्डार बेंच कर आया हूँ




चालीस पन्नों की चालीसा
स्थान सत्य का छोड़ा खाली सा
Real estates, car-agency, flights के
प्रचार बेंच कर आया हूँ

Comments

Dev said…
आज काफी दिनों बाद आपकी रचनाओ पर नज़र डाली तो फिर वही ताजगी भरे भावो से रूबरू हो गया.
shephali said…
achi prastuti hai
humare desh me chal rahi kaarguzari ko sundar tarike se prastut kiya hai

likhte rahiye
रविकर said…
आज आप चर्चा मंच पर हैं ||
रविकर said…
हिन्दी में था निमंत्रण, बिगत बार भी मित्र ||
चर्चा मंच पे आइये, कहाँ गए अन्यत्र ??

http://charchamanch.blogspot.com/

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