Sunday, November 14, 2010

one liners

"मैं नहीं था तो भला वो कौन था जो लिख गया,
के मेरे पहले भी कोई था मेरे जैसा कहीं ........... "

ख्वाब बुनिय ख्वाब में ख़्वाबों ही की जुबाँ...


सोचूँ के न सोचूँ के सोचूँ तो कुछ होता भी नहीं ...

अब के सोऊँ तो न जगाने आना कोई
कई रातों का जागा हुआ हूँ मैं
तुमसा ही मैं भी एक कैदी हूँ यारों
अपनी कैद से भागा हुआ हूँ मैं





मैं हैरान था तो सब थें हैराँ मुझसे
सब थें हैराँ मुझसे सो मैं हैराँ था

No comments:

चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर

तू किसी शोख़ का सिंगार कर रख भी दे ये ख़ामोशी उतार कर तीरगी ये पल में टूट जायेगी  चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर एक ही नहीं कई शिकायतें ...