रब्बा मैनू हीर दिखादे
मैनू प्यार करा दे
मैनू भी कुछ कहना है
इक बार मिलादे
बरसात करादे
मैनू खुल के रोना है
मैनू प्यार करा दे
मैनू भी कुछ कहना है
इक बार मिलादे
बरसात करादे
मैनू खुल के रोना है
अंतिम दिन जीवन के यदि ये
पीर हृदय की रह जाए
के दौड़-धूप में बीत गए पल
प्रियतम से कुछ ना कह पाएँ
यूँही नहीं तुम्हारा नाम… लेते हैं आज भी कुछ है जो ज़िंदगी तमाम मुझको ना दे सकी एक प्यास थी सो रह गई एक ज़ख़्म जो भरा नहीं उम्मीद थी के ...
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