अंतिम दिन जीवन के यदि ये पीर हृदय की रह जाए के दौड़-धूप में बीत गए पल प्रियतम से कुछ ना कह पाएँ
बहुत बढ़िया अंदाज |कम शब्द |ज्यादा और समझदारी से भरी बात |शुभकामनायें चक्रेश ||
Thank you sir.
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बड़ा पायाब रिश्ता है मेरा मेरी ही हस्ती से ज़रा सी आँख लग जाये, मैं ख़ुद को भूल जाता हूँ (पायाब: shallow) दरख़्तों को शिकायत है के तूफ़ाँ ...
2 comments:
बहुत बढ़िया अंदाज |
कम शब्द |
ज्यादा और समझदारी से भरी बात |
शुभकामनायें चक्रेश ||
Thank you sir.
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