अंतिम दिन जीवन के यदि ये पीर हृदय की रह जाए के दौड़-धूप में बीत गए पल प्रियतम से कुछ ना कह पाएँ
बढ़िया मुक्तक!
4 panktiyon main i dil a dard byaan kar diya....just too gr8...
सुंदर पंक्तियाँ ..... कुछ यादें हमेशा साथ रहती हैं...
bahut sundr :)
Post a Comment
यूँही नहीं तुम्हारा नाम… लेते हैं आज भी कुछ है जो ज़िंदगी तमाम मुझको ना दे सकी एक प्यास थी सो रह गई एक ज़ख़्म जो भरा नहीं उम्मीद थी के ...
4 comments:
बढ़िया मुक्तक!
4 panktiyon main i dil a dard byaan kar diya....
just too gr8...
सुंदर पंक्तियाँ ..... कुछ यादें हमेशा साथ रहती हैं...
bahut sundr :)
Post a Comment