अंतिम दिन जीवन के यदि ये पीर हृदय की रह जाए के दौड़-धूप में बीत गए पल प्रियतम से कुछ ना कह पाएँ
बहुत कुछ है आपके जिम्मे.....इसलिए खुदा ने आपको बनाया है..:-)सुन्दर रचना.अनु
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बड़ा पायाब रिश्ता है मेरा मेरी ही हस्ती से ज़रा सी आँख लग जाये, मैं ख़ुद को भूल जाता हूँ (पायाब: shallow) दरख़्तों को शिकायत है के तूफ़ाँ ...
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बहुत कुछ है आपके जिम्मे.....इसलिए खुदा ने आपको बनाया है..
:-)
सुन्दर रचना.
अनु
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